विरार के अस्पताल में लगी आग, महाराष्ट्र में लॉकडाउन और कल पहुंच रही हैं मुंबई ऑक्सीजन

मुंबई- विरार पश्चिम के विजय वल्लभ अस्पताल में लगी आग में अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी हैं।मुख्यमंत्री ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं तथा मरने वालों को 5 लाख और घायलों को एक लाख मदद देने की घोषणा की हैं। वहीं प्रधानमंत्री ने मरने वालों को दो लाख और घायलों को ₹50हजार देने की घोषणा की हैं। विजय बल्लभ अस्पताल के आईसीयू वार्ड में सुबह 3 बजे आग लगी।लोगों का कहना है कि वहां पर तब डॉक्टर, नर्स कोई भी उपस्थित नहीं थे। अस्पताल में आग बुझाने की सामग्री नहीं थी। प्राथमिक अंदाज के अनुसार एसी के शार्ट सर्किट से आग लगी।अस्पताल का दूसरा मजला जो कि आईसीयु वार्ड था पूरी तरह जलकर खाक हो चुका हैं। वहां पर इलाज करा रहे दुसरे लोगों को नाला सोपारा,वसई,मीरा रोड के दुसरे अस्पतालों में भर्ती किया गया। मंत्री एकनाथ शिंदे ने अस्पताल जाकर जांच की। मरने वालों के रिश्तेदारों ने कहा हैं कि अस्पताल के प्रशासकों की गलती से यह दुर्घटना हुई। इस अग्नि कांड में वसई रोड से विहार सेवा ग्रुप के कार्यकर्ता कुमार किशोर भाई दोशी (45) और उनकी पत्नी चांदनी बैन कुमारभाई दोशी (37) की दूसरी अस्पताल में मौत हुई। पति की मौत की खबर सुनकर पत्नी ने भी दम तोड़ दिया।ऐसी जानकारी विहार सेवा ग्रुप वसई रोड ने दी। पहले भांडुप के कॉवीड सेंटर में लगी आग, नागपुर ,भंडारा के अस्पतालों में आग, नासिक में ऑक्सीजन रिसाव में अस्पताल में हुई लोगों की मौत और अब यह विजय वल्लभ अस्पताल में लगी आग में हुई जान माल की हानि। विरोधी पक्ष नेता फडणवीस और मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने सभी अस्पतालों की ऑडिट करने को कहा हैं। आइसीयू रूम में 17 कोरोनावायरस से पीड़ित मरीज इलाज करा रहे थे।जिसमें से 14 लोगों की मौत हो चुकी हैं। घटना की जानकारी मिलते ही महानगर पालिका, पुलिस अधिकारी, अग्निशमन दल के अधिकारी मौके पर पहुंचे।यह जानकारी हितेंद्र ठाकुर ने दि। महाराष्ट्र के गृहमंत्री ने भी जांच के आदेश दिए हैं। पिछले तीन घटनाओं में 47 लोगों की मौत हो चुकी हैं। इसकी जवाबदारी किसकी। बार-बार ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए ऐसा विरोधी पक्ष नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा। कुमार किशोर दोशी (45), पुखराज बल्लभ दास वैष्णव (68), उमा सुरेश कनगुटकर(63), नरेंद्र शंकर शिंदे (58), रजनी आर कडु(60), जनार्दन मोरेश्वर महात्रे (63), रमेश टि.उपायन(55),प्रविण शिवलाल गोड़ा (65),अमेंय राजेश राउत(23),शमाअरुणमहात्रे(48), सुवर्णा एस पीतळे (54),सुप्रिया देशमुख (43) मृर्तयुं      हुएं ऐसे कुछ लोगों के नाम हैं।———————–मुंबई- कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच महाराष्ट्र में पाबंदियां और सख्त कर दी गई हैं। सूबे की उद्धव सरकार की तरफ से बुधवार को नए आदेश जारी किए गए। सख्ती भरा यह आदेश 22 अप्रैल रात आठ बजे से एक मई सुबह सात बजे तक लागू रहेगा। नए आदेश के मुताबिक राज्य में सख्ती और बढ़ा दी गई हैं। नए आदेश के मुताबिक राज्य में सरकारी दफ्तरों में सिर्फ 15 प्रतिशत स्टाफ ही मौजूद रहेगा। आपात स्थिति में इस नियम से छूट रहेगी। पहले दफ्तर में पचास फीसदी स्टाफ के रहने की अनुमति थी। इसके अलावा इस दौरान शादी की विधियां दो घंटे में समाप्त करनी होगी। दरअसल शादी समारोह के लिए सिर्फ दो घंटे के समय की अनुमति दी गई हैं।इस दौरान 25 से ज्यादा लोगों की मौजूदगी पर भी मनाही हैं।इस नियम का उल्लंघन करने पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। सरकार की तरफ से जारी आदेश के मुताबिक बेवजह घर से बाहर निकलने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। आपात स्थिति में जैसे किसी की तबीयत खराब और अन्य आपात स्थिति में ही घर से बाहर निकलने की इजाजत होगी।एक जिले से दूसरे जिले या फिर एक शहर से दूसरे शहर में जाने की अनुमति आपात स्थिति में ही होगी। मसलन, किसी की मृत्यु या किसी के बीमार होने पर ही ऐसा करने की इजाजत होगी। बसें केवल इमरजेंसी सर्विस के लिए ही चलेंगी। इस दौरान बसें 50 कैपिसिटी पर ही चलेंगी। बस में खड़े होकर सफर करने पर भी मनाही हैं। इसके अलावा निजी बसें एक जिले से दूसरे जिले जाने पर पहले लोकल DMA को सूचना देना ज़रूरी होगा, साथ ही निजी बस वालों की ज़िम्मेदारी होगी कि दूसरे जिले जाने वालों के हाथ में 14 दिन क्वारंटीन का स्टैम्प मारा जाए।सख्त पाबंदियों के बीच लोकल, मोनो रेल और मेट्रों में केवल सरकारी कर्म चारियों को ही सफर करने की इजाजत होगी। सरकार की तरफ से जारी आइडेंटिटी कार्ड के आधार पर इन लोगों के लिए टिकट और पास जारी किए जाएंगे।डॉक्टरों, लैब टेक्निशियन, मेडिकल क्लीनिक स्टाफ और पैरामेडिक्स के लोगों को भी सफर की इजाजत की अनुमति होगी। संबंधित मेडिकल ऑर्गनाइजेशन की तरफ से जारी आईडी कार्ड के आधार पर इन लोगों को टिकट व पास दिया जाएगा।मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए जाने वाले या दिव्यांग व उसके साथ मदद के लिए मौजूद शख्स को भी सफर की अनुमति होगी। राज्य सरकार या लोकल प्रशासन की पब्लिक बसों पचास फीसदी क्षमता के साथ ही चलेगी।इस दौरान किसी को खड़े होकर सफर करने की अनुमति नहीं होगी। दूध, सब्जी, किराना की दुकानें सुबह 7 से 11 बजे तक खुली रहेगी। होम डिलीवरी सुबह 7 से रात 9 बजे तक चालू रहेगी। ——नई दिल्ली -जानलेवा कोरोना वायरस ने एक बार फिर अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया हैं। कोविड-19 के प्रकोप को कम करने के लिए अब केंद्र सरकार ने युवाओं को भी वैक्सीन लगाने के आदेश दे दिए हैं। 1 मई से अब 18 साल से ऊपर सभी लोगों को वैक्सीन की डोज दी जाएगी। इसी बीच कुछ लोग कोविड की रोकथाम के लिए देसी नुस्खे भी अपना रहे हैं। हालांकि, ये जरूरी नहीं कि हर घरेलू नुस्खा आपकी सेहत के लिए कारगर हो, कभी-कभी कुछ देसी तरीके नुकसानयादक भी हो सकते हैं। मालूम हो कि हाल के दिनों में देश के कई बड़े हॉस्पिटलों में ऑक्सीजन की भारी कमी देखी जा रही हैं। इसी बीच इंटरनेट पर एक पोस्ट में अजवाइन और कपूर की पोटली खूब शेयर की जा रही हैं।’ लेकिन क्या बाकई ये सही तरीका हैं ऑक्सीजन लेवल बढ़ाने का? इस बारे में शोध भी हुए हैं जिनके बारे में नीचे जिक्र किया गया हैं।लौंग और कपूर की तरह कैरम बीज यानी अजवाइन और नीलगिरी के तेल दोनों पदार्थों के लिए को लेकर कोई ऐसा शोध नहीं जिसमें ये कहा गया हो कि इनके सूंघने से ऑक्सीजन लेवल में सुधार होता हैं।कोरोना का नया वेरिएंट (covid 19 new variant) बहुत खतरनाक है इसलिए यह न सिर्फ श्वसन प्रणाली पर हमला कर रहा हैं बल्कि अलग-अलग मरीजों पर तरह-तरह से प्रभावित कर रहा हैं। यही वजह है कि खांसी, सर्दी, श्वास संबंधी लक्षणों के अलावा भी कई लक्षण लोगों में नजर आ रहे हैं। कोविड-19 आपकी आंखों को प्रभावित कर सकता हैं। यदि आपको कंजेक्टिवाइटिस, आंखों में पानी आना और धुंधलापन लगे, तो संभावना हैं कि यह स्थिति वायरस के कारण बनी हो।बहरापन या कान का बजना भी कोरोना वायरस के गंभीर संक्रमण का एक संकेत हो सकता हैं। रिसर्च से पता चला कि कोविड-19 से प्रभावित 7.6 फीसद लोगों ने कुछ प्रकार सुनने के मुद्दे का सामना किया। गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल की कई शिकायतें भी सुनने को मिल रही हैं।ये एक आश्चर्य के रूप में आ सकता हैं, लेकिन कई मामलों में देखा गया हैं कि डायरिया और उल्टी कोरोना वायरस के संकेत हो सकते हैं। कई सारे मरीज बताते हैं कि उन्हें ऐसा महसूस होता हैं कि उनके शरीर में ऊर्जा ही नहीं हैं। मासंपेशियों में दर्द बना हुआ हैं। ऐसे मरीजों को भी तुरंत कोरोना की जांच करवाने का परामर्श दिया जा रहा हैं। देश में पिछले 10 दिनों का कोरोना वायरस ग्रा्फ इस तरह हैं। 1- 23 अप्रैल: 332730 केस, 2263 मौतें,2- 22 अप्रैल: 314835 केस, 2104 मौतें,3- 21 अप्रैल: 295041 केस, 2023 मौतें, 4- 20 अप्रैल: 259170 केस, 1761 मौतें, 5- 19 अप्रैल: 273810 केस, 1619 मौतें, 6- 18 अप्रैल: 261500 केस, 1501 मौतें,7- 17 अप्रैल: 234692 केस, 1341 मौतें, 8-16 अप्रैल: 234002 केस, 1338 मौतें, 9-15 अप्रैल: 216828 केस, 1184 मौतें, 10- 14 अप्रैल: 199584 केस, 1038 मौतें। अगर पिछले दस दिनों के आंकड़ों को देखें तो देश में कोरोना के कारण 16172 मौतें दर्ज की गई हैं। हर दिन के साथ अब मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा हैं। इसी दस दिनों के दौर में भारत ने 1000 के मौतों के आंकड़े को छुआ और फिर अब 2 हजार से ज्यादा मौतें भी दर्ज होने लगी हैं। अब भारत में कुल मौतों की संख्या 186920 हो गई हैं। भारत में चिंता बढ़ाने वाली बात ये हैं कि पिछले कुछ दिनों में ही एक्टिव केसों की संख्या बुलेट रफ्तार से बढ़ी हैं। जहां एक वक्त पर देश में डेढ़ लाख तक एक्टिव केसों की संख्या पहुंच गई थी। वहीं अब देश में एक्टिव केस की संख्या 2428616 तक पहुंच गई हैं। ईसी वजह से देश के अस्पतालों में बेड्स की किल्लत होने लगी हैं। दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, नासिक, बेंगलुरु समेत कई बड़े शहर ऐसे हैं, जहां हाहाकार मचा हैं। दिल्ली के कई अस्पतालों के बाहर ही मरीजों को प्राथमिक उपचार दिया जा रहा है, क्योंकि अंदर जगह नहीं हैं।दुनिया में इस वक्त कोरोना का सबसे खतरनाक असर भारत में ही दिख रहा हैं। 24 घंटे में सबसे अधिक कोरोना केसों का रिकॉर्ड भी भारत के नाम हो गया हैं। भारत में बढ़ी कोरोना की रफ्तार के बाद कई देशों ने अपना हवाई संपर्क तोड़ दिया हैं। यूके, पाकिस्तान, अमेरिका समेत कई देशों ने अपने नागरिकों को भारत ना जाने की सलाह दी है, वहीं भारत से आने वाली फ्लाइट्स पर भी पाबंदी लगा दी हैं।———————————-मुंबई – भारत में कोरोना कहर के बीच ऑक्सीजन को लेकर भी चारों तरफ हाहाकार हैं। इस बीच राहत की खबर हैं कि विशाखापट्टनम स्टील प्लांट से लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन टैंकरों को लेकर ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेन के शनिवार को मुंबई पहुंचने की संभावना हैं। गुरुवार रात को ही विशाखापट्टनम से ऑक्सीजीन टैंकरों को लेकर ऑक्सीजन ट्रेन रवाना हुई।ट्रेन आज रात को नागपुर और सुबह नाशिक पहुंचेगी। इस बीच लखनऊ से बोकारो स्टील प्लांट के लिए खाली ऑक्सीजन टैंकर लेकर ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेन को ग्रीन कोरिडोर से भेजा जा रहा हैं। बता दें कि महाराष्ट्र की हालत कोरोना से सबसे अधिक खराब हैं। देश में विभिन्न अस्पतालों और कोविड-19 मरीजों के लिए ऑक्सीजन कमी को पूरा करने के लिए भारतीय रेल ने विशेष ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेन शुरू की हैं। इससे सड़क मार्ग से लाने-ले जाने वाले ऑक्सीजन टैंकरों को जल्दी से जल्दी विभिन्न स्टील प्लांट पर ले जाकर वहां से ऑक्सीजन भरकर बड़े शहरों तक पहुंचाया जा सकेगा।गुरुवार को विशाखापट्टनम में स्टील प्लांट में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन टैंकरों में भरी गई हैं। मेडिकल ऑक्सीजन टैंकर लेकर ट्रेन शनिवार को मुंबई पहुंच जाएगी। इस बात की जानकारी खुद रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट कर दी हैं।इस बीच एक और ऑक्सीजन एक्सप्रेस लखनऊ से बोकारो स्टील प्लांट के लिए रवाना हुई हैं। ट्रेन को ग्रीन कॉरिडोर से 62 किलोमीटर प्रति घंटे की औसत गति से ले जाया जा रहा हैं। ट्रेन बोकारो स्टील प्लांट से लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन लेकर वापस उत्तर प्रदेश आएगी। इस बीच मध्य प्रदेश व अन्य राज्यों के लिए भी ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेन चलाने की तैयारी की जा रही हैं। इधर, उत्तर प्रदेश के मेरठ में संतोष हॉस्पिटल के बाद मेरठ मेडिकल कॉलेज में भी ऑक्सीजन के कारण मरीजों की जान पर बन आई। हालांकि मोदीनगर से मेरठ तक ग्रीन कॉरिडोर बनाकर 20 मिनट में व्यवस्था कराई गई, तब जाकर ऑक्सीजन के साथ टीम मेडिकल पहुंची। अधिकारियों के अनुसार मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में दो कंपनियों की ओर से ऑक्सीजन की सप्लाई होती हैं। मेडिकल इमरजेंसी में 75 से 80 मरीजों का इलाज हो रहा हैं। 68 मरीजों को ऑक्सीजन भी दी जा रही हैं।