ठाणे में ट्रस्ट मंडल चुनाव, जैन न्यूज़, कर्नाटक

ठाणे- श्री राजस्थान श्वेतांबर मूर्तिपूजक जैन संघ ठाणे द्वारा संचालित श्री ऋषभदेवजी महाराज जैन धर्म टेंपल व ज्ञाति ट्रस्ट ठाणे के ट्रस्ट मंडल के चुनाव 2023 से 2029 तक के ट्रस्ट मंडल अध्यक्ष के 6 वर्षीय चुनाव 7 मई को हुए जिसमें ट्रस्ट अध्यक्ष के चुनाव में कुल 551 मतदाताओं ने चुनाव में खड़े 4 उम्मीदवारों के पक्ष में मत दिया। जिसमें उत्तम भाई सोलंकी के पक्ष में 192 व सुरेश गुंगलीया को 190 मत मिले। जुगराज पुनमिया को 112 और सुकनराज परमार को 56 वोट पड़े इस तरह सर्वाधिक मत पाने वाले उत्तम भाई सोलंकी(वणदार/रानी स्टेशन-ठाणे) निवासी को विजय घोषित किया गया। उत्तम भाई पिछले 6 वर्ष से भी अध्यक्ष पद पर विराजित थे। उत्तम भाई सोलंकी जीत के बाद 8-5-2023 को अगाशी तीर्थ श्री समवसरण महामंदिर विराजमान परम पूज्य आचार्य श्री विजय प्रभाकर सूरीश्वरजी महाराज साहेब के शुभ आशीर्वाद के लिए पधारे। थाणे,टेंबीनाका श्री राजस्थान जैन संध पुनःनिर्वाचित अध्यक्ष परम गुरुभक्त श्रीमान उत्तमचंदजी सोलंकी जी का श्री अगासी तीर्थ ट्रस्ट कि ओर से मेनेजींग ट्रस्टी श्री मुकुंदभाइ शाह के द्वारा सम्मान किया गया।उसके बाद रविवार 14 मई को ट्रस्ट मंडल का चुनाव संपन्न हुआ जिसमें 30 उम्मीदवारों ने अपने नाम का उम्मीदवारी फॉर्म भरा। व्हाट्सएप और फोन पर 3 दिन बहुत ही जोर- शोर से प्रचार हुआ। साथ में ही स्कूल के ट्रस्टीयों का भी चुनाव हुआ। जिसमें 9 उम्मीदवारों ने अपना फॉर्म भरा। टैंभी नाका जैन मंदिर में उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करने का समय सुबह 9 से 5 बजे था। स्कूल के छे और संस्था के चुनाव में 11 ट्रस्टीयों का चुनाव में संस्था के कुल 627 सदस्यों में से 565 मतदाताओं ने 11-11 मतों का प्रयोग किया। और अग्यारह ट्रस्टीयों का चुनाव किया। और स्कूल के छे ट्रस्टीयों का चुनाव किया गया।मतदान करते वक्त मतदाताओं में बहुत ही उत्साह था और उम्मीदवार बहुत ही टेंशन में घूम रहे थे। चुनाव अधिकारी के पैनल ने रात 1 बजे चुनावी रिजल्ट घोषित किया। चुनावी पैनल के सदस्य रमेश छाजेड़, रमणीक राठौड और सुरेश राजावत थे। मतगणना के बाद संघ सेवा करने का मौका इन उम्मीदवारों को इस प्रकार मिला।उदयजी परमार को 389वोट के साथ प्रथम,2-सुकनराजजी परमार 335 वोट,3-अशोकजी गुंगलिया 298 वोट,4-गुणवंत सालेचा 295 वोट,5- अशोक पारेख 274 वोट, प्रवीण राठौड 273 वोट,7- महिपाल मंडेचा 272वोट ,8- रमेश ढेलरियावोरा 256 वोट,9- महावीर संघवी 255 वोट,10-संपत चोपड़ा 246 वोट, 11- सुरेश छाजेड़ 243 वोट मिले। और स्कूल के भावेश पारेख,राजेशभंसाली,कीर्ति रांका, विक्रम पारेख, किशोर जैन,मनीष कोठारी ट्रस्टी नियुक्त हुए। वोट करने की व्यवस्था बहुत ही सुंदर थी किसी को भी तकलीफ नहीं हुई और मतदान शांतिपूर्वक   संपन्न हुए।———————————————–ठाणे कासारवडवली में युवति शिबिर का समापन-
ठाणे -के निकटस्थ श्री शंखेश्वर तीर्थधाम कासारवडवली में गच्छाधिपति आचार्यदेवेश श्री जयानन्दसूरीश्वरजी म. सा. की आज्ञानुवर्तिनी विदुषी साध्वीजी श्री मणिप्रभा श्रीजी आदि ठाणा 27की निश्रा में युवतियों की 8 दिवसीय आवासीय शिबिर का दि.8-5-23 को मंगल प्रारंभ हुआ शिबिर में मैसूर,बैंगलोर,काकी नाडा, राजमहेन्द्री, लोणावला, खोपोली, सुरत, अहमदाबाद, भिवण्डी, ठाणे आदि नगरों से 150+ युवतियाँ जीवन को संस्कारित करने के लिए गुरु सानिघ्य में रहकर ज्ञानार्जन किया।श्री राजस्थान श्वे. मू. जैन संघ, ठाणे के नवनिर्वा चित मैनेजिंग ट्रस्टी श्री उदय परमार, उप मेनेजींग ट्रस्टी श्री सुकनजी परमार,सचिव श्री अशोकजी गूँगलिया, उपसचिव श्री गुणवंत सालेचा, श्री अशोककुमार पारेख, श्री महिपाल मंडेसा,श्री रमेश ढेलरियावोरा जैसे कर्मठ ट्रस्टीगण पिछले दिनों की चुनाव प्रचार एवं नतीजों की थकान के बावजूद दि. 15.05.23 को दोपहर १२ बजे शंखेश्वर तीर्थधाम,कासरवडवली, ठाणे में चल रही शिविर के समापन समारोह में पधारे। श्री संघ की इस सक्रिय कार्यकारिणी ने गच्छाधिपति आचार्यश्रीजयानंद सूरीश्वरजी महाराजा एवं साध्वी वर्या श्री मणीप्रभाश्रीजी से ठाणे श्री संघ में पधारने हेतु आग्रहभरी विनंती की।अन्य ट्रस्टीगण भी अपनी अनुकूलता अनुसार नि: स्पृह शिरोमणि आचार्य श्री के दर्शन- वंदन हेतु पधारेंगे।सद्गुरु के सानिध्य में रहकर अपने जीवन को संस्कारमय बनाकर जैन शासन की सच्ची श्राविका बनाने के पवित्र उद्देश्य से पू० गुरुणीजी विदुषी साध्वीजी श्री मणिप्रभा श्रीजीआदि ठाणा की निश्रा में श्री शंखेश्वर पार्श्वनाथ तीर्थ धाम- कासार वडवली में 8 मई से15 मई आयोजित युवतियों की आवासीय शिविर के समापन अवसर पर सौधर्म बृहत्तपागच्छी य गच्छाधिपति आचार्य देवेश श्रीमद् विजय जयानन्दसूरि जी का मुनिमंडल सह पदार्पण हुआ। प्रातः ८ बजे सामैये के बाद पूज्य श्री द्वारा मांगलिक से समापन समारोह का प्रारंभ हुआ। मुनि राज श्री विवेक विजयजी व मुनिराज श्री अक्षय विजयजी ने अपने उद्बोधन में कहा कि परिवार को सुव्यवस्थित रखते हुए सन्तानों में विशिष्ट संस्कार देने की महत्वपूर्ण भूमिका नारी निभाती हैं। नारी को पुरुष की नकल करने की जरूरत नहीं। शील, विनय, क्षमा, सहनशीलता नारी की अपनी पहचान हैं। आचार्यश्री ने हितशिक्षा फरमाते हुए जीवन में गर्भपात जैसे महापाप से दूर रहने की बात कही, जिस पर कई युवतियों ने पच्चकखाण लिये।शिविर में भाग लेने वाली 160+ युवतियों के अलग-अलग दो विभागों में बेस्ट शिविरार्थी आदि को शिल्ड प्रदान कर बहुमान किया गया। शिविरा र्थी युवतियों द्वारा प्रेरणात्मक विशेष कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गयी। शादी या सगाई के पूर्व गुरुकुलवास में अलग-अलग समयावधि के लिए रहने की कई युवतियों ने भावना व्यक्त की।ज्ञातव्य है कि पूज्य साध्वीजी श्री मणिप्रभाश्रीजी की निश्रा में युवतियों का यह १६वाँ शिविर था। आपकी प्रेरणा से चल रहे “जैनिज्म कोर्स” द्वारा हजारों युवतियों का जीवन संस्कारित हो चुका हैं। वर्तमान समय में नयी पिढी को संस्कारित बनाने की जरूरत को मद्देनजर रखते हुए इस प्रकार के आयोजनों की विशेष आवश्यकता हैं।——————————————————-जैन संत श्री विराग मुनि के 121 उपवास तपश्चर्या की अनुमोदना का देश में अपूर्व उत्साह, सवा करोड़ नवकार जाप-रायपुर -पारिवारिक व अकेले में नवकार जाप की जानकारी मिली हैं। गुरुभक्तों ने श्री विराग मुनि जी के 121 उपवास की कठिन तपस्या की अनुमोदना में सवा करोड़ से ज्यादा नवकार महामंत्र का जाप किया।अनेक गुरुभक्तों ने घुटनों में प्रॉब्लम की वजह से पद्मासन की जगह अन्य मुद्राओं में नवकार जाप किया। कुछ गुरुभक्तों ने सफर में होने पर ट्रेनों में पद्मासन मुद्रा में नवकार जाप कर श्री विराग मुनि जी के 121 उपवास के दीर्घ तपस्या की अनुमोदना की। अध्यक्ष संतोष बैद व महासचिव महेन्द्र कोचर ने कहा कि नवकार महामंत्र का जाप अति मंगलकारी माना जाता हैं , जैन संत श्री विराग मुनि जी की 121 उपवास की तपस्या और सवा करोड़ से ज्यादा नवकार जाप छत्तीसगढ़ की 2 करोड़ 30 लाख जनता के लिए सुख समृद्धि, अहिंसा, दया, करुणा, धार्मिक सौहार्द व भाईचारे का सन्देश देगी।——————- ——————————कर्नाटक में आखिर हुआ समझौता 20 मई को सीएम की शपथ विधि-बंगलुरु -पांच दिनों की माथापच्ची के बाद देर रात ये फैसला लिया गया है कि सिद्धारमैया कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री होंगे, डीके शिवकुमार डिप्टी सीएम पद संभालेंगे।20 मई को शपथ ग्रहण होगा।दोनों नेताओं के बीच सीएम की कुर्सी ढाई-ढाई साल के लिए बटेगी और शिवकुमार इसके लिए राजी भी हो गए हैं।फॉर्मूला नंबर 1 के तहत कर्नाटक का एक सीएम और एक डिप्टी सीएम होगा।सिद्धारमैया मुख्यमंत्री हो सकते हैं और डीके शिवकुमार उनके डिप्टी।डीके शिवकुमार को डिप्टी पद के साथ ही दो अहम मंत्रालय भी दिए जा सकते हैं।वहीं, उनकी पसंद से 3 मंत्री भी बनेंगे।कर्नाटक की 224 विधानसभा सीटों पर हुए चुनाव में कांग्रेस ने 135 सीटें जीती थीं। बीजेपी के खाते में 66 सीटें आईं। वहीं, जेडीएस को19 सीटें मिली। प्रचंड बहुमत मिलने के बाद मुख्यमंत्री को लेकर कांग्रेस में मंथन चल रहा हैं। सीएम पद के लिए सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार ने दावेदारी पेश की हैं। डीके शिवकुमार ने नई दिल्ली में संवाददाताओं से कहा कि नवनिर्वाचित विधायकों, विधान पार्षदों और सांसदों की बैठक शाम सात बजे क्वींस रोड स्थित इंदिरा गांधी भवन में होगी। ऐसा लगता है कि सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच मुख्यमंत्री चुनने का गतिरोध बुधवार देर रात से गुरुवार तड़के तक चली बैठकों की श्रृंखला के बाद सुलझ गया हैं। बैठक में खड़गे, पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल और रणदीप सुरजेवाला तथा कर्नाटक के दो दिग्गज नेताओं ने भाग लिया।कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने खड़गे के साथ एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान इस गतिरोध खत्म करने के फॉर्मूले को अंतिम रूप दिया। सूत्रों ने बताया कि पार्टी नेता राहुल गांधी ने भी इस बात का समर्थन किया हैं कि सबसे ज्यादा विधायकों के समर्थन वाले नेता को मुख्यमंत्री चुना जाना चाहिए। शपथ ग्रहण समारोह शनिवार को बेंगलुरु के कांतीरावा स्टेडियम में कांग्रेस नेतृत्व की उपस्थिति में होगा, जिसमें पार्टी के पूर्व मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे। राज्य में 13 मई को कांग्रेस को पूर्ण बहुमत मिलने और भारतीय जनता पार्टी के सत्ता से बाहर होने के बाद से सिद्धारमैयाऔर शिवकुमार दोनों ही मुख्यमंत्री पद की होड़ में हैं।पार्टी की रविवार को हुई विधायक दल की एक बैठक में खड़गे को अगला मुख्यमंत्री चुनने के लिए अधिकृत किया गया। दोनों नेता हालांकि गुरुवार सुबह तक किसी सहमति पर नहीं पहुंचे और इस बात पर अड़े रहे कि उन्हें ही मुख्यमंत्री बनाया जाए। पिछले चार दिन में दोनों नेताओं के बीच गहन बात चीत हुई और उन्होंने एक-दूसरे की ताकत और कमजोरियों को गिनाया। सिद्धारमैया ने कथित तौर पर तर्क दिया कि शिवकुमार के खिलाफ अदालती मामले चल रहे हैं, लिहाजा उन्हें मुख्यमंत्री बनाने से सरकार की छवि धूमिल होगी। सिद्धारमैया ने यह भी दावा किया कि वह लोकप्रिय चेहरा और वोट हासिल करने वाले हैं और मुसलमानों और पिछड़ी जाति के मतदाताओं का सम्मान करते हैं, जो 2024 के लोकसभा चुनावों में निर्णायक साबित होंगे। दूसरी तरफ, शिवकुमार ने दावा किया कि सिद्धारमैया के पांच साल के शासन के बाद कांग्रेस सत्ता से बाहर हो गई और उन्हें विधायक दल के नेता का पद दिया गया, लेकिन वह लोकसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन नहीं कर सके।