जैन न्यूज़, अयोध्या दीपावली, महादेव एप,राजस्थान, दुकान में लुट

पी एम विद्यासागर जी महाराज के सम्मुख शीश नवाया, फिर नीचे बैठे और सुनने लगे मुनि श्री का संदेश- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जैन मुनि श्रेष्ठ विद्यासागर जी महाराज का आशीर्वाद लिया हैं। दरअसल, पीएम मोदी रविवार सुबह छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ में स्थित चंद्रगिरि जैन मंदिर पहुंचे थे। जहां उन्होने पूजा-अर्चना की और साथ ही यहां प्रवास कर रहे जैन मुनि श्री 108 विद्यासागर जी महाराज के चरण-कमलों में अपना शीश नवाया। वहीं पीएम मोदी मुनि श्री के चरणों के समीप कुछ देर तक बैठे और उनके साथ विभिन्न विषयों पर अहम चर्चा की और आध्यात्मिक संदेश और मार्गदर्शन प्राप्त किया। बता दें कि, पीएम मोदी की जैन मुनि श्रेष्ठ विद्यासागर जी महाराज में अपार श्रद्धा रही हैं। वह मुनि श्रेष्ठ विद्यासागर जी को देव तुल्य मानते हैं और उनके आशीर्वाद के लिए हमेशा ही ललाइयत रहते हैं। बताया जाता हैं कि, पीएम मोदी ने आज दूसरी बार मुनि श्री के दर्शन किए हैं। इससे पहले वह 2016 में मुनि श्री के भोपाल चातुर्मास के दौरान उनका आशीर्वाद लेने आए थे।पीएम मोदी जैन मुनि श्री 108 विद्या सागर जी महाराज के दर्शन से बेहद उत्साहित हैं और अपने आप को धन्य महसूस कर रहे हैं। पीएम मोदी ने अपने ट्विटर अकाउंट पर मुनि श्री के साथ कुछ तस्वीरें भी शेयर की हैं और लिखा है- छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ में चंद्रगिरि जैन मंदिर में आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज जी का आशीर्वाद प्राप्त करके धन्य महसूस कर रहा हूं। वहीं पीएम मोदी ने डोंगरगढ़ में अपने भाषण के दौरान कहा कि, मैं यहां आकर एक नई ऊर्जा लेकर जा रहा हूं, मेरा आज का दिन बहुत ही पवित्र रहा हैं।पीएम ने कहा कि जिनके प्रति मेरी अपार श्रद्धा हैं उन देव तुल्य और परम पूज्य जैन मुनि श्रेष्ठ विद्यासागर जी महाराज के चरणों में मुझे बैठने का मौका मिला। उनसे आशीर्वाद लेकर और उनके विचारों को सुनकर मन बहुत प्रभावित हैं। पीएम मोदी ने कहा कि, मुनि श्री के विचारों में विद्या और कल्याण की भावना निहित हैं, उनके विचार जीवन के सिद्धांतों को ईश्वरीय शक्ति से जोड़ते हैं। पीएम ने कहा कि, आज के दिन की शुरुवात मेरे लिए नई प्राण शक्ति बन गई हैं।बताया जाता है कि, मुनि श्री विद्यासागर जी का जन्म 10 अक्टूबर 1946 को कर्नाटक के बेलगाम जिले के सदला गांव में हुआ था। उन्होने मात्र 22 वर्ष की उम्र में ही सांसरिक मोह-माया से अपने मन को हटा लिया था और सब कुछ त्याग कर ईश्वरीय पथ पर अग्रसर हो गए थे। बताते हैं कि, दीक्षा लेने के बाद से ही मुनि श्री दिन में केवल एक वक्त भोजन-पानी लेते हैं। उनके भोजन में शक्कर-नमक की तनिक भी मात्रा नहीं होती हैं। भोजन में रोटी, चावल और सब्जी शामिल होती है। मुनि श्री अपनी अंजुल (दोनों हथेलियों को मिलाने से बना हुआ गड्‌ढा) से भोजन ग्रहण करते हैं।इस सबके बावजूद भी मुनि श्री मानसिक और शारीरिक रूप से पूरी तरह फिट हैं। मुनि श्री की उम्र 75 साल से ऊपर हैं। वह रोजाना जमीन पर सोते हैं। वहीं मुनि श्री विद्यासागरजी का देशभर में प्रवास पर रहते हैं। प्रवास के दौरान मुनि श्री हजारों किमी की यात्रा नंगे पाव पैदल कर चुके हैं। विद्यासागरजी की दिनचर्या रोजाना सुबह 3 बजे से शुरू हो जाती है जिसमें पूजा-पाठ, शिष्यों को शिक्षा और इसके साथ ही उनके आध्यात्मिक कार्यक्रम होते हैं। मुनि श्री के देश-विदेश में रहने वाले हजारों शिष्य हैं। वहीं विद्या सागरजी के संदेश को देशभर में फैलाने के लिए कई शिष्य लगातार काम करते रहते हैं। —————————————-पुणे कोंडवा में पुण्यतिथी निमित्त भव्य आयोजन-पुण्य नगरी पुणे के कोंढवा में 102 वर्षीय महामहिम संघ स्थिवर युगपुरुष महान गितार्थ गच्छा धिपति जिनशासन शिरताज पू.आ.श्री दौलत सागर सुरीश्वरजी महाराजा आदि 100 से अधिक साधु- साध्वीजी भगवंतो का चातुर्मास हो रहा हैं।पुणे कोंढवा आगमोद्धा रक नगरी में श्री देवसूर तपागच्छ जैन महासंघ में अजातशत्रु पूज्य गुरुदेवआचार्यश्री नंदिवर्धन सागर सूरीश्वर जी महाराजा के समाधि मय कालधर्म निमित्त एवं सकल संघ हितचिंतक गुरुदेव पूज्य आचार्य श्री हर्षसागर सूरिजी महाराजा की प्रथम मासिक पुण्यतिथि निमित्त प्रथम बार संगीतमय भव्य आयोजन हुआ समाधि मृत्यु की भावयात्रा 5-11-23 / रविवार / तिथि : आठम सुबह : 9 से 11 बजे तक हुए। सुवर्ण सानिध्य: 103 वर्ष के संघ स्थविर सुविशाल गच्छाधि पति गुरुदेव पूज्य आचार्य देवेश श्री दौलतसागर सूरीश्वरजी महाराजा आदि सुविशाल सागर समुदाय का रहा।भावयात्रा के बाद विशिष्ट प्रभावना हुई।11:30 बजे सामूहिक आयंबिल हुए।आयंबिल के बाद भी विशिष्ट प्रभावना हुई।————————————-दिवाली की एक रात पहले जगमग हो उठी रामनगरी-पूरे देश विदेश में दिवाली का त्योहार धूमधाम से मनाया जाता हैं। जैन धर्म में अभी दिवाली को भगवान महावीर का 2550 वा निर्वाण दिवस मना रहे हैं।पीएम मोदी हर बार की तरह सेना के साथ दिवाली मना रहे हैं।अयोध्या – दिवाली की पूर्व संध्या पर राम नगरी अयोध्या दीपोत्सव से जगमगा उठी।अयोध्या दीपोत्सव 2023 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल शामिल हुए। साथ ही सैकड़ों श्रद्धालु भी दीपोत्सव मनाने पहुंचे।दीपोत्सव के दौरान जब दीयों को रोशन किया गया तो सरयू किनारे राम की पौड़ी जगमगा उठी। श्रद्धालु ओं के बीच दीपोत्सव की ऐसी उमंग देखने को मिली कि देश ही नहीं बल्कि विदेश से भी आकर श्रद्धालु उत्सव का हिस्सा बने।दीपोत्सव पर लाखों दीपों व लेजर लाइट की रोशनी में जगमगाते अयोध्या राम की पैड़ी स्थित मठ-मंदिरों के दृश्य को मोबाइल कैमरे में कैद करते युवक दिखें। दीपोत्सव पर शनिवार शाम लाखाें दीपों से जगमगाती अयोध्या राम की पैड़ी दिखीं।सूचना एवं पर्यटन विभाग की झांकियों में बालकाण्ड, अयोध्या काण्ड, अरण्य काण्ड, किष्किन्धा काण्ड, सुन्दर काण्ड, लंका काण्ड व उत्तर काण्ड की भी झांकियां निकली थी। दीपोत्सव के दौरान गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के प्रतिनिधियों द्वारा घोषणा की गई की दीपोत्सव 2023 में 22 लाख 23 हजार दीप प्रज्वलित कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया हैं। इसका प्रमाण पत्र गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड टीम द्वारा माननीय मुख्यमंत्री योगी को भेंट किया गया हैं।नवनिर्मित राम मंदिर में 22 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में रामलला के विग्रह की स्थापना रामराज्य की आधारशिला होगी। यह उद्गार मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के हैं। वह श्रीराम की लंका विजय के बाद अयोध्या वापसी की स्मृति में मनाए जाने वाले दीपोत्सव के अवसर पर रामकथा पार्क में उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे।इसी के साथ उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साढ़े नौ वर्ष के कार्यकाल का स्मरण कराया। कहा, प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश ने आतंकवाद, नक्सलवाद, दैवी प्रकोप का सफलतापूर्वक सामना करते हुए गरीबों के लिए आवास, चिकित्सा आदि का प्रभावी प्रबंध किया। यह सब जाति, मत-मजहब के नाम पर न होकर राम राज्य की भावना के अनुरूप ‘सर्वे भवंतु सुखिन: सर्वे संतु निरामया’ और सबका साथ-सबका विकास का परिचायक था। सीएम योगी ने कहा कि रामराज्य में जिस तरह किसी को दैहिक-दैविक और भौतिक ताप नहीं थे, उसी तरह मोदी जी की सरकार में सबके लिए प्रयास किया गया। रामराज्य की दिशा में हम इसलिए बढ़ सके कि डबल इंजन की सरकार थी। मुख्यमंत्री ने रामलला की स्थापना के उत्सव के लिए उसी तरह समर्थन की मांग की, जैसा समर्थन दीपोत्सव को मिला हुआ हैं। इसी के साथ मुख्यमंत्री ने मंदिर आंदोलन के पुरोधा रहे अशोक सिंहल, महंत रामचंद्र दास, स्वामी वामदेव सहित अपने परम गुरु महंत दिग्विजयनाथ एवं गुरु महंत अवेद्यनाथ को भी कृतज्ञतापूर्वक स्मरण किया। अयोध्या में 30 हजार पांच सौ करोड़ रुपये की 178 परियोजना एं संचालित हैं, जब तक रामलला स्वयं के मंदिर में विराजमान होंगे, तब तक 50 हजार करोड़ की योजनाएं क्रियांवित हो रही होंगी। इससे लाखों लोगों के रोजगार की व्यवस्था होगी।उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने की एवं संचालन लखनऊ दूरदर्शन के सहायक निदेशक आत्मप्रकाश मिश्र ने किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक तथा प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने भी विचार रखे। उद्बोधन से पूर्व श्रीराम एवं सीता के स्वरूप का प्रतीकात्मक राज्याभिषेक करने के साथ मुख्यमंत्री दीपोत्सव के दीप प्रज्वलन सत्र एवं सहस्त्रधारा घाट पर पुण्य सलिला सरयू की आरती में भी शामिल हुए।——————————————–धनतेरस से पहले रिलायंस ज्वेल्स का पूरा शोरूम लुटेरों ने कर दिया खाली- देहरादून –एक तरफ धनतेरस के मौके पर ज्वेलर्स कंपनियों ने बड़ी बिक्री की तैयारी कर रखी हैं। वहीं दूसरी तरफ लुटेरों ने लूट की एक बड़ी घटना को अंजाम दे दिया हैं। वह भी रिलायंस ज्वेल्स जैसे बड़े शोरूम में, जहां धनतेरस से पहले लुटेरों ने एक साथ बीस करोड़ रुपए की ज्वेलरी लूट ली और फरार हो गए। शोरुम में हुई लूट की इस बड़ी वारदात को अंजाम देने में लुटरों को सिर्फ 32 मिनट का समय लगा हैं। बताया गया कि शहर के राजपुर रोड पर स्थित शोरूम सुबह सवा दस बजे खुला था। शोरूम के 11 कर्मचारी ग्राहकों के पहुंचने से पहले गहने व्यवस्थित कर रहे थे। डिस्प्ले बोर्ड में हीरे और सोने के बीस करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के गहने थे। सुबह 10 बजकर 24 मिनट पर नकाब पहने चार बदमाश शोरूम के अंदर घुस गए।उन्होंने सबसे पहले सिक्योरिटी गार्ड हयात सिंह को अंदर खींचा। इसके बाद शोरूम में पूरे स्टाफ को हथियार के बल पर बंधक बना लिया और सबके मोबाइल फोन को कब्जे में ले लिया। कुछ कर्मचारियों ने विरोध किया तो बदमाशों ने उनकी पिटाई कर दी।इसके बाद बदमाशों ने कर्मचारियों के हाथ प्लास्टिक बैंड से बांध दिए और सभी को शोरूम के पैंट्री रूम (किचन) में बंद कर दिया।कुछ महिला कर्मियों को डरा-धमका कर डिस्प्ले बोर्ड में सजे गहनों को निकल वाकर बैग में भरवाया गया इसके बाद तीन महिला कर्मचारियों को बदमाशों ने किचन में बंद कर दिया। 10 बज कर 56 मिनट पर लुटेरे बैक में गहने भरकर मौके से फरार हो गए। बता दें कि यह शोरूम राजपुर रोड पर ग्लोब चौक के नजदीक हैं।जिस कॉम्प्ले क्स में शोरूम हैं, वह चार मंजिला भवन हैं और बेसमेंट में पार्किंग हैं यहां बड़ी संख्या में लोगों कीआवा जाही होती हैं। आधे घंटे तक बदमाश शोरूम को लूटते रहे और किसी को भनक तक नहीं लगी। पुलिस जब मौके पर पहुंची, तब जाकर आसपास के लोगों को पता चला कि लूट की वारदात हुई हैं। हालांकि लुटेरे भागने के दौरान आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गए। वो बाइक पर सवार होकर लूट को अंजाम देने पहुंचे थे।वहीं राजधानी में लूट की इतनी बड़ी वारदात होने के बाद राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों से गहरी नाराजगी जाहिर की हैं।सीएम ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक एपी अंशुमन समेत सीनियर अधिकारियों को तलब किया और बैठक के बाद उन्हें जल्द से जल्द इस मामले को सुलझाने का आदेश दिया।त्योहारी सीजन में शहर में 13 साल बाद कोई बड़ी वारदात हुई हैं। तीन नवंबर 2010 को धनतेरस की रात में विशाल मेगा मार्ट में हुई डकैती से भी यह कहीं बड़ी वारदात हैं। उस वक्त हुई वारदात में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बड़े बदमाशों जितेंद्र काला और अमित भूरा का नाम सामने आया था। इससे पहले देहरादून में 2020 में हुई दो डकैती की घटनाओं ने भी लंबे समय तक पुलिस की नींद हराम की थी। हालांकि, देखने वाली बात यह हैं कि देहरादून पुलिस इस ताजा घटना पर कब तक पार पाती हैं।——————7करोड़ कैश, 12 KG सोना और 1100 लॉकर राजस्थान में काला खजाना – जयपुर -ब्लैकमनी को लेकर राजस्थान में जयपुर के गणपति प्लाजा में इनकम टैक्स विभाग की रेड चल रही हैं। दो लॉकरों को काटा गया हैं। एक लॉकर से लाखों की नकदी बरामद हुई हैं। दूसरे लॉकर से नोटों से भरी बोरी मिली हैं। पैसों की गिनती जारी हैं। पिछले महीने राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने आरोप लगाया था कि इन लॉकरों में पेपर लीक से कमाया गया काला धन रखा गया हैं।इस मामले में पहली रेड 13 अक्टूबर को हुई थी।लॉकर धारकों का डेटा तैयार किया गया। फिर 20 अक्टूबर को 80 लॉकर धारकों को नोटिस जारी किए गए। 17 अक्टूबर को तीन लॉकरों से 30 लाख रुपये निकाले गए। 21 अक्टूबर को 2.46 करोड़ रुपये बरामद किए गए।अब तक लॉकरों से 7 करोड़ रुपये से ज्यादा का कैश और 12 किलो से ज्यादा सोना बरामद किया जा चुका हैं।गणपति प्लाजा में करीब 1100 लॉकर हैं। इनमें से 540 लॉकर एक्टिव नहीं हैं। कुछ लॉकर्स ऐसे भी मिले हैं, जिनके मालिक का नाम और पता ही नहीं मिल रहा। यानी जिनके नाम पर ये लॉकर्स लिए गए हैं, उनका कोई अस्तित्व ही नहीं हैं। रेड के दौरान आयकर विभाग ने कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बरामद किए हैं, जिन्हें जब्त कर लिया गया हैं।——————सरकार ने महादेव सट्टेबाजी एप किया बंद -मुंबई – मुंबई पुलिस ने कथित तौर पर करीब 15,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के आरोप में ‘महादेव’ सट्टेबाजी ऐप (Mahadev Betting App) के ‘प्रवर्तक’ समेत 32 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की हैं। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। माटुंगा पुलिस के अधिकारी के अनुसार, 2019 से अब तक धोखाधड़ी करने के लिए ‘ऐप प्रवर्तक सौरभ चंद्राकर’, एवं मुख्य आरोपी रवि उप्पल और शुभम सोनी तथा अन्य के खिलाफ मंगलवार को प्राथमिकी दर्ज की गई।अधिकारी ने बताया कि 30वीं कुर्ला अदालत के निर्देश पर भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 120-बी (साजिश), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (साइबर आतंकवाद के लिए) और जुआ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। एफआईआर के मुताबिक, आरोपियों ने लोगों से करीब 15 हजार करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की हैं। एक आधि कारिक बयान में कहा गया हैं कि पांच नवंबर को केंद्र ने प्रवर्तन निदेशालय के अनुरोध पर महादेव ऐप और ‘रेड्डीन्नाप्रिस्टोप्रो’ समेत 22 अवैध सट्टेबाजी प्लेटफार्मों को ब्लॉक किए जाने के निर्देश दिए।फोरेंसिक विश्लेषण और एक ‘कैश कूरियर’ की ओर से दिए गए बयान से ‘चौंकाने वाले आरोप’ लगे हैं कि महादेव सट्टेबाजी ऐप प्रमोटरों ने अब तक छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री को लगभग 508 करोड़ रुपये का भुगतान किया हैं, और ‘यह’ जांच का विषय हैं.”बाद में भाजपा ने शुभम सोनी का एक वीडियो जारी किया जिसमें कहा गया कि वह ऐप का मालिक हैं और उसके पास छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को अब तक 508 करोड़ रुपये का भुगतान करने के ‘साक्ष्य’ हैं।मामले में सौरभ चंद्राकर,रवि उप्पल और शुभम सोनी मुख्य आरोपी हैं।पुलिस के अनुसार 2019 से अब तक चली धोखाधड़ी।केंद्र ने अवैध सट्टेबाजी प्लेटफार्मों को ब्लॉक करने के निर्देश दिए।