धर्माधिकारी, जैन न्यूज़,अतिक

खारघर- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार 16 अप्रैल को नवी मुंबई के खारघर में आध्या त्मिक नेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता दत्तात्रेय नारायण उर्फ अप्पासाहेब धर्माधिकारी को महाराष्ट्र भूषण पुरस्कार 2022 से सम्मानित किया। इस मौके पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस मौजूद रहे।खारघर के विशाल कॉरपोरेटपार्क में महाराष्ट्र भूषण पुरस्कार समारोह के लिए भव्य व्यवस्था की गई। वृक्षारोपण अभियान, रक्तदान और चिकित्सा शिविरों के साथ-साथ आदिवासी क्षेत्रों में नशामुक्ति कार्यों के कारण राज्य में बड़ी संख्या में धर्माधिका री अनुयायी मौजूद हैं।वीआईपी को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने में सुविधा के लिए 8 हेलीपेड बनाए गए थे। इस कार्यक्रम में लाखों सदस्य शामिल हुए। इन सदस्यों को असुविधा न हो इसके लिए नवी मुंबई पुलिस, नगर निगम, सिडको और पनवेल नगर निगम 1 सप्ताह से कड़ी मेहनत कर रहे थे। पार्किंग जोन के अलावा बैस्ट, एनएमएमटी, टीएमटी और केडीएमटी की 1100 से ज्यादा बसें मुहैया कराई गई थी। 18 लाख 36हजार सीटें तैयार की गई थी। कार्यक्रम की सफलता के लिए प्रशासनिक व्यवस्था ही नहीं मुख्यमंत्री एकनाथ‌ शिंदे, उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सहित उद्योग मंत्री उदय सामंत, निर्माण मंत्री रविंद्र चव्हाण स्थानीय जनप्रतिनिधि खुद नजर रखे हुए थे और समय-समय पर इसकी समीक्षा भी कर रहे थे। इस आयोजन के लिए मोबाइल शौचालय और पीने के पानी की व्यवस्था की गई थी।लगभग 250 टैंकर और 2109 नल लगाए गए थे। 69 एंबुलेंस, 350 डॉक्टर और 100 नर्स।काम करने वाले कर्मचारियों के साथ चिकित्सा सुविधा को भी तैनात किया गया था। कार्यक्रम स्थल पर 32 मोबाइल शौचालय 4200 पोर्टेबल शौचालय 9000 अस्थाई शौचालय का निर्माण किया गया था। स्वच्छता व्यवस्था के लिए 60 जेटिंग मशीन, 4000 सफाई कर्मचारी के अलावा 26 अग्निशमन वाहन उपलब्ध थे। भूषण पुरस्कार से सम्मानित अप्पासाहेब धर्माधिकारी अपने परिवार के साथ शनिवार को ही नवी मुंबई पहुंच गए थे वहां मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया था। समारोह में पद्म श्री अप्पासाहेब धर्माधिका री मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सांस्कृतिक मामलों के मंत्री सुधीर मुनगंटीवार समेत धर्माधिकारी के परिवार के सदस्य मौजूद थे। भारत के गृह मंत्री अमित शाह इस कार्यक्रम के बाद गोवा की तरफ रवाना हुए।1995 में हुई थी महाराष्ट्र भूषण पुरस्कार की स्थापना राज्य में 1995 में शिवसेना-भाजपा गठबंधन के सत्ता में आने के बाद महाराष्ट्र भूषण पुरस्का र की स्थापना की गई थी। शुरुआत में यह पुरस्कार साहित्य, खेल और विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वालों को मिलता था, लेकिन बाद में इसे सामाजिक कार्य, पत्रकारिता, लोक प्रशासन और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में भी प्रदान किया जाने लगा।राज्य परिवहन विभाग ने मुंबई-गोवा राजमार्ग संख्या 66 के खारघर-इंसुली खंड, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे, मुंबई-पुणे पुराने राजमार्ग और अहमदाबाद-मुंबई राजमार्ग पर शनिवार और रविवार को डंपर, ट्रक व टैंकर जैसे भारी वाहन को 2 दिन के लिए बंद किया गया। ताकि आने वाले अनुयायियों की भारी भीड़ से वाहनों के आने-जाने की तकलीफ ना हो। दुखद घटना -महाराष्ट्र के नवी मुंबई में रविवार दोपहर महाराष्ट्र भूषण पुरस्कार का आयोजन किया गया था। 38 डिग्री का तापमान था और बिना सैड के दोपहर के चिलचिलाती धूप में खुली जगह में करीब 20लाख लोग बैठे थे। कार्यक्रम में हीटवेव की वजह से 13 लोगों की मौत हो गई। और सैकड़ों लोग बीमार हो गए जिन का इलाज अस्पतालों में चल रहा हैं।मरने वालों के परिवार को मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने ₹5 लाख की मदद जाहिर की हैं। और घायलों का इलाज मुफ़्त किया जाएगा। मुख्यमंत्री शिंदे ने अस्पताल विजिट के बाद मौतों की पुष्टि की।खारघर इलाके के घुले मैदान में गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में हुए कार्यक्रम में लाखों की तादाद में लोग शामिल हुए थे। उद्धव ठाकरे और अजीत पवार ने भी अस्पतालों का दौरा किया। ——————————-            जैन न्यूज़ –अकोला के गांव में खुदाई में मिली अति प्राचीन जैन प्रतिमाएं-अकोला – अकोला जिले के मुर्तिजापुर तालुका के माना गाव में खुदाई के दौरान जैन तीर्थंकरों की तीन दुर्लभ प्राचीन प्रतिमाए मिली हैं।यह प्रतिमाए रामेश्वर इंगोले नमक व्यक्ति के घर के निर्माण कार्य में किये जा रहे खुदाई के दौरान मिली। दो और प्रतिमाए मिली हैं, जिनमें जैन धर्म के 22वें तीर्थंकर अरिष्टनेमी, नेमिनाथ का भी समावेश हैं। इन मूर्तियों की विधि-विधान से पूजा की गई हैं और ये मूर्तियां इस समय पुलिस के अधिकार में हैं। 31 मार्च को माना गांव के रामेश्वर इंगोले नमक व्यक्ति के घर जेसीबी से खुदाई चल रही थी. और इस खुदाई के दौरान पांच फीट तक खोदने के बाद यह शिला की प्रतिमाये मिलीं।इन प्रतिमाओ में एक प्रतिमा जैन धर्म के 22वें तीर्थंकर नेमिनाथ की मूर्ति हैं और सुरक्षा कारणों से राम मंदिर में रखी गई। माना पुलिस थाने के निरीक्षक कैलास भगत ने बताया कि इस संबंध में पुरावशेष विभाग को सूचित कर दिया गया हैं।एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 31 मार्च शुक्रवार को मुर्तिजापुर तालुका के माणा गांव में घर में खुदाई करते वक्त मिली। जैन धर्म से जुड़ी मूर्तियों को पुलिस ने सुरक्षित रख लिया हैं। माणा थाने के इंस्पेक्टर कैलास भगत ने कहा,भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को मूर्तियों के बारे में सूचित कर दिया गया हैं क्योंकि वे इस क्षेत्र के विशेषज्ञ हैं।मुर्तिजापुर के विधायक हरीश पिंपले ने कहा कि खुदाई जैन समुदाय के सदस्यों की मौजूदगी में हुई।प्राप्त हुई प्रतिमाए वर्षो पुरानी हैं।माना गांव को प्राचीन काल में मणिपुर के नाम से जाना जाता था। इस गांव पर बब्रुवाना का शासन था। प्राचीन किंवदंतियाँ हैं कि बब्रुवाना ने एक युद्ध के बाद पूरे गाँव को बर्बाद कर दिया।14 मार्च 1986 को माना में उसी स्थान पर खुदाई के दौरान जैन धर्म की मूर्तियां मिली थीं। वह प्रतिमाए आज भी नागपुर के संग्रहालय में रखी हुई हैं।माना से रमेश इंगोले के दादा ने एक बार अपने पोते से कहा था कि उनके घर के नीचे एक प्राचीन मूर्ति दबी हुई हैं।इसके बाद जैन समुदाय के लोगों की भनक लग गई। फिर जैन समुदाय के लोग मुर्तिजापुर निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा विधायक हरीश पिंपल के पास पहुंचे। विधायकों के सामने सारे तथ्य रखे गए। पुलिस तंत्र के साथ विधायकों सहित माना में जेसीबी से खुदाई शुरू कर दी। खुदाई में 3 पत्थर की मूर्तियां मिलीं। जैन धर्म के बाईसवें तीर्थंकर नेमिनाथ यानी अरिष्टनेमी के साथ दो अन्य मूर्तियां मिली हैं। इस स्थान पर अभी भी खुदाई चल रही हैं।मुर्तजापुर के विधायक हरीश पिंपल ने उस जगह पर जैन मंदिर बनाने का वादा किया हैं। जहां 3 मूर्तियां मिली हैं। उन्होंने इस जगह पर बने मकानों को फिर से दूसरी जगह बनाने का वादा भी किया हैं।————– ——————-आचार्य श्री विमलसागर सुरीश्वरजी महाराज साहब का 42 वा दीक्षा दिवस मनाया गया-तिरुपुर -स्पष्ट वक्ता, समाज के सजग प्रहरी आचार्य श्री विमल सागर सूरीश्वर जी म.सा. एवं हजारों जिंदगियों के कुशल मार्गदर्शक गणीवर श्री पद्म विमलसागर सूरीश्वरजी म. सा. आदि श्रमण परिवार का विहार हो रहा हैं।वैचारिक क्रांति और धार्मिक- सामाजिक उन्नति को समर्पित हृदयस्पर्शी प्रवचनकार पूजा उपकारी गुरुदेव आचार्य श्री विमल सागर सुरीश्वरजी महाराज साहब का 42 वां दीक्षा दिवस तिरुपुर में मंगल महोत्सव के रूप में भव्य रूप से मनाया गया। वैशाख वद 10, 15 अप्रैल 2023 शनिवार के शुभ दिन को प्रातः 7:45 बजे कार्यक्रम में सम्मिलित होने वाले श्रद्धालुओं के लिए अल्पाहार की व्यवस्था की गई थी। 8:30 बजे संगीतमय संयम संवेदना समारोह का आयोजन किया गया। दोपहर 2:30 बजे सामूहिक सामायिक और मंत्र जाप किया गया। रात 8:00 बजे भक्ति भावना का मनोहारी आयोजन और महा आरती की गई। रविवार 16 अप्रैल 2023 को भव्य चैत्य परिपाटी का आयोजन किया गया। प्रातः को 4:45 को चेन्नई के नॉर्थ टाउन बिन्नी से केसरवाडी तीर्थ के लिए प्रस्थान किया गया।प्रात- 7:15 बजे केसरवाडी में सामूहिक चैत्यवंदन किया गया। प्रात 8:00 बजे अल्पाहार की व्यवस्था की गई थी। सुबह 10बजे केसरवाडी के प्रति प्रकटप्रभावी श्रीआदिनाथ प्रभु का महा मंगलकारी अभिषेक विधान किया गया। उतकुली तिरुपुर से 13 किलोमीटर इरोड की ओर मंगला विहार धाम का भव्य उद्घाटन समारोह किया गया। 10:00 बजे मंगलमय उद्घाटन (कलश स्थापना) व 10:30 बजे विशेष धर्म सभा का आयोजन किया गया। 12:00 बजे आतिथ्य भोजन की व्यवस्था की गई थी। आयोजक व निमंत्रक -गुलेच्छा परिवार फलोदी थे।प्रेरणा और सानिध्य हजारों लोगों के जीवन निर्माता मंत्र आराधक गणीवर्य श्री पद्मविमलसागरजी महाराज साहब की रही।——————————————————–40 साल के वर्चस्व से मौत तक की कहानी,17 साल की उम्र में हत्या में नाम, 44 साल बाद पहली सजा; अब बेटे के बगल में बनेगी अतीक की कब्र- प्रयागराज-उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में देर रात हुई अतीक अहमद और उसके भाई अरशद की हत्या के बाद यूपी में पुलिस हाई अलर्ट मोड पर है। सुरक्षा के लिहाज से पूरे प्रदेश में धारा 144 लागू की गई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधि कारियों के साथ हाई लेवल मीटिंग करके फील्ड में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। प्रयागराज, लखनऊ, नोएडा, मेरठ से लेकर अन्य जिलों में पुलिस रात से ही फ्लैग मार्च कर रही हैं। प्रदेश के प्रमुख सचिव और डीजीपी को विशेष विमान से प्रयागराज भेजा गया हैं। लखनऊ में सीएम आवास पर एक हाई लेवल मीटिंग हुई। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज की घटना का संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री ने तुरंत उच्च स्तरीय बैठक बुलाई और पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए। मुख्यमंत्री ने मामले में तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग (न्यायिक जांच आयोग) के गठन के भी निर्देश दिए। सीएम आवास की भी सुरक्षा बढ़ा दी गई हैं।बताया जा रहा हैं कि हमलावर मीडिया कर्मी बनकर आए थे। हमलावरों ने घात लगाकर प्रयागराज के कॉल्विन अस्पताल के पास सबसे पहले अतीक अहमद के सिर में गोली मारी। इसके बाद अन्य हमलावरों ने अशरफ और अतीक पर ताबड़ तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हमलावरों ने करीब 10 से 11 राउंड गोली फायर की। वहीं पुलिसकर्मियों को फायरिंग के दौरान भागते हुए देखा गया।अतीक अहमद की हत्या से दो दिनों पहले ही उनके बेटे असद अहमद को यूपी एसटीएफ ने एनकाउंटर में मार गिराया था. इसी को लेकर मीडियाकर्मियों ने सवाल किया था।अतीक अहमद से सवाल किया गया कि आप अपने बेटे असद के अंतिम संस्कार में नहीं जा पाए, तो उन्होंने कहा, ”नहीं ले गए तो नहीं गए.” तभी उन्हें हमलावरों ने गोली मार दी और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।असद अहमद और उसके दोस्त गुलाम को यूपी एसटीएफ ने गुरुवार (13 अप्रैल) को एनकाउंटर में मार गिराया था। इसके बाद दोनों को प्रयागराज में कसारी मसारी कब्रिस्तान में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दफनाया गया।बेटे के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए अतीक अहमद ने अर्जी लगाई थी लेकिन उस पर सुन वाई नहीं हो सकी।तीनों हमलावर अलग-अलग मामलों में पहले जेल जा चुके हैं। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपित कब और कैसे प्रयागराज आए थे। उनका स्थानीय मददगार कौन-कौन हैं। बताया गया हैं कि लवलेश तिवारी बांदा, सनी पुराने हमीरपुर और अरुण मौर्या कासगंज का रहने वाला हैं। तीनों को फेमस होना था बड़ा डॉन बनना था इसलिए उन्होंने यह कारनामा किया।माफिया अतीक का पाकिस्तान से संबंध था। उसने और उसके गैंग में शामिल सदस्यों ने तमाम निर्दोष लोगों का कत्ल किया था। अतीक जमीन हड़पने के लिए हत्या करता था और विरोध में गवाही देने वालों को भी नहीं छोड़ता था। उसका भाई अशरफ भी ऐसा करता था, इसलिए हमने दोनों को मार डाला।काल्विन अस्पताल में दोनों भाईयों की हत्या करने के आरोपितों ने पुलिस के सामने ऐसा ही बयान दिया हैं।माफिया के वकील विजय मिश्र ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि घटना मेरे सामने हुई हैं। अतीक व अशरफ को मेडिकल चेकअप के लिए मोतीलाल नेहरू मंडलीय चिकित्सालय लाया गया था। पुलिस की गाड़ी से उतर कर दस कदम चले थे कि उनके ऊपर हमला कर दिया गया। दोनों को बहुत करीब से गोली मारी गई।जैसे ही इन शूटर्स ने फायरिंग शुरू की, पहली गोली में ही अतीक नीचे गिर गया और उसने दम तोड़ दिया। इसके बाद एक के बाद एक 29 राउंड फाय रिंग की। अतीक अहमद को 8 गोली और अशरफ को 5 गोली लगी।तीनों शूटर ये तय करके आए थे कि अतीक और अशरफ को ज़िंदा नहीं छोड़ना हैं। तीनों ने ही हत्या के बाद भागने की कोशिश नहीं की। दो शूटर्स ने तो पुलिस के सामने हाथ खड़े कर दिये, तीनों को ही मौके पर ही दबोच लिया गया। अतीक अहमद के दोनों नाबालिग बेटे कब्रिस्तान में पहुंचे।बता दें कि 24 फरवरी को प्रयागराज के धूमनगंज में अतीक और अशरफ के इशारे पर एक शूटआउट हुआ था। अतीक-अशरफ के गुर्गों ने उमेश पाल और उनके दो गनर को मार दिया था और इस वारदात के 51वें दिन प्रयागराज में एक और शूटआउट हुआ। इस शूटआउट में 24 फरवरी के शूटआउट के दोनों मास्टमाइंड की हत्या कर दी गई। उसके बाद 13 अप्रैल को अतिक के बेटेअसद अहमद और उसके दोस्त गुलाम को यूपी एसटीएफ ने एनकाउंटर में मार गिराया था।