मुख्यमंत्री अयोध्या में, जैन न्यूज़

अयोध्या/ लखनऊ – महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे शनिवार को देर शाम लखनऊ पहुंचे और वह 9 अप्रैल रविवार सुबह अयोध्या आयें। शिंदे ने लखनऊ पहुंचने के बाद मराठी में ट्वीट किया, ‘‘आज लखनऊ हवाई अड्डे पर मेरा और मेरे सभी साथियों का ‘जय श्रीराम’, ‘हिन्दू हृदय सम्राट दिवंगत बालासाहेब ठाकरे की जीत’ और ‘शिवसेना जिंदाबाद’ जैसे नारों के साथ स्वागत किया गया। शिंदे ने उनके स्वागत पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, ‘‘हमारा उत्साह दोगुना हो गया’। मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार अयोध्या आने का जिक्र करते हुए शिंदे ने कहा कि यहां का माहौल देखकर ख़ुशी और संतोष हो रहा हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ समेत मंत्रियों के प्रति आभार प्रकट किया।उत्तर प्रदेश सरकार के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह समेत कई प्रमुख हस्तियों ने शिंदे का स्वागत किया। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शनिवार को ट्वीट किया महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे जी आपका रामलला की नगरी अयोध्या धाम आगमन पर हार्दिक स्वागत व अभिनंदन हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में श्रीराम मंदिर सहित अयोध्या धाम को भव्यतम बनाया जा रहा हैं। शिवसेना के मंत्रियों, सांसदों और विधायकों के ठहरने के लिए मंदिर नगरी के लगभग सभी होटल, अतिथि गृह और धर्मशालाएं बुक कर ली गई थी। अयोध्या में शिंदे के स्वागत के लिए शिवसेना के कार्यकर्ताओं के एक दिन पहले ठाणे और कल्याण से विशेष रेलगाड़ियों से अयोध्या पहुंचे। ठाणे से मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विशेष इस गाड़ी को झंडी दिखाकर रवाना किया।शिंदे की अयोध्या यात्रा का पूरे देश में प्रचार-प्रसार करने के लिए शिवसेना ने एक योजना तैयार की थी। महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनने के बाद शिंदे की यह पहली अयोध्या यात्रा हैं। महाराष्ट्र सरकार की ओर से जारी आधिकारिक कार्यक्रम के मुताबिक शिंदे शनिवार शाम लखनऊ पहुंचें। और रात्रि विश्राम किया।वह रविवार सुबह हेलीकॉप्टर से अयोध्या पहुंचें। मुख्यमंत्री शिंदे शनिवार को लखनऊ पहुंचें और रविवार को अयोध्या पहुंचे, जहां उन्होंने हनुमान गढ़ी मंदिर और राम मंदिर में दर्शन एवं पूजा-अर्चना किया। व राम जन्मभूमि मंदिर के चल रहे निर्माण कार्य को देखा और सरयू नदी के तट पर शाम की आरती की। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिल्ली जाने से पहले अयोध्या पहुंचे और उन्होंने भी राम लला के दर्शन कर आरती में भाग लिया। उपमुख्यमंत्री ने हेलीकॉप्टर से अयोध्या नगरी के दर्शन किए। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने दोपहर 2:30 बजे पत्रकार परिषद पंचशील होटल में की। पंचशील होटल को फूलों से सजाया गया था और बड़े-बड़े कटआउट और बैनर लगाए गए थे। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वागत किया और रात्रि भोज की व्यवस्था की। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रविवार को कहा कि साल 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान शिवसेना और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) गठबंधन का भगवा महाराष्ट्र में पूरे बहुमत से लहराएगा। उन्होंने कहा, “यह हमारी आस्था और श्रद्धा का विषय हैं।” महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने किसी का नाम लिए बगैर कहा, “कई लोगों को हिंदुत्व से एलर्जी रही हैं और अब भी हो रही हैं। कई लोग जानबूझकर हिंदुत्व का अपमान कर रहे थे। उसके बाद संत महात्माओं को मिलने पहुंचे लक्ष्मण किला में। सरयू नदी के सरयू घाट पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ गिरीश महाजन, रामदास कदम, रवि राणा, श्रीकांत शिंदे, विखे पाटील, दादा भूसे, रविंद्र चव्हाण, दीपक केसरकर,रविंद्र फाटक व अन्य आमदार और खासदारोंने महाआरती का लाभ लिया।—————————————————जैन न्यूज़–महूडी तीर्थ में चोरी करते हुए दो ट्रस्टी गिरफ्तार-गांधीनगर -रक्षक ही बने भक्षक प्रसिद्ध महुडी घंटाकर्ण महावीर मंदिर में चढ़ाए जाने वाले सोने की पन्नी से 45 लाख रुपये के सोने की चोरी के मामले में पुलिस ने दो ट्रस्टियों को गिरफ्तार किया हैं। घंटाकर्ण महावीर को दी जाने वाली सोने की पन्नी से इन दोनों न्यासियों द्वारा सोना लेने के रहस्योद्घाटन से मूर्तिपूजक जैन समुदाय में आक्रोश फैल गया हैं। मानसा पुलिस ने ट्रस्टी नीलेश कांतिलाल मेहता ( उमासुत, फ्लैट, वासना, अहमदाबाद) व सुनील बाबूलाल मेहता ( पिनालपार्क सोसायटी, शांतिवन बस स्टॉप पालड़ी) को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया हैं। जांच में सामने आया है कि वे पिछले चार महीने से मंदिर से सोना और नकदी गबन कर रहे हैं। पुलिस ने दोनों ट्रस्टियों से पूछताछ करने पर पहले तो इनकार कर दिया, लेकिन सीसीटीवी फुटेज दिखाने पर वे टूट गए और अपना जुर्म कबूल कर लिया।इस मामले में महुडी घंटाकर्ण महावीर जिनालय में मूर्तिपूजक जैन समाज के आठ अलग-अलग ट्रस्टी हैं।जिनमें नीलेश कांतिलाल मेहता और सुनील बाबूलाल मेहता वर्ष 2020 से ट्रस्टी के रूप में शामिल हुए। महुडी के ट्रस्टी भूपेंद्रभाई वोरा ने ट्रस्टी नीलेश कांतिलाल मेहता और सुनील बाबूलाल मेहता के खिलाफ मानसा थाने में शिकायत दर्ज करायी हैं। जिनलाई ट्रस्ट द्वारा साल में एक बार धनतेरस के दिन घंटाकर्ण महावीर देव की पूरे साल की सोने की पन्नी का विमोचन किया जाता हैं। वर्ष 2022 में मंदिर के ट्रस्टी ने सोने की पन्नी उतारी और उसे बाल्टी में डालकर तिजोरी में रख दिया। वह बाल्टी जिसे ट्रस्टी एक बार खर्च करने के लिए निकालते थे। लेकिन उस दिन सोने की पन्नी को छानना संभव नहीं था, ट्रस्टियों की मौजूदगी में बाल्टी को वापस रख दिया गया था।इसके बाद 15 मार्च 2023 को बाल्टी में रखी सोने की पन्नी को छान लिया गया। अन्य ट्रस्टियों की उपस्थिति में। जिसमें 700 से 800 ग्राम वजन कम हो गया, उस समय ट्रस्टी भूपेंद्रभाई वोरा को शक हुआ। फिर वह कर्मचारियों से पूछताछ के बाद बाहर आया कि कुछ दिन पहले ट्रस्टी नीलेश मेहता व सुनील मेहता आए और कार्यालय के पास जाली में रखी सोने की पन्नी की बाल्टी व अन्य सोने चांदी की छड़ें निकाल लीं। इसके बाद दोनों ट्रस्टी लेखपाल के कार्यालय गए और कर्मचारियों को दोपहर के भोजन पर भेजा और दो पन्नी बैग में 700 से 800 ग्राम सोना डाल दिया। इन दोनों न्यासियों ने उस जमाराशि पर भी हाथ आजमाया जो सोने की पन्नी रखे जाने के बाद दादा को दी गई थी। सीसीटीवी कैमरे में साफ नजर आ रहा था कि ट्रस्टी नीलेश मेहता भंडारे से सोने की चेन और कैश की गठरी लेकर शौचालय गए थे, इस तरह दोनों ट्रस्टियों द्वारा सोना और सोने का धागा और 45 लाख की नकद राशि ले ले गए। दोनों ट्रस्टियों को पकड़ने के लिए बंद सीसीटीवी कैमरों को सक्रिय किया गया। महुडी घंटाकर्ण महावीर मंदिर में जहां माल की गिनती की जा रही हैं वहां लगे सीसीटीवी कैमरे बंद मिले। दोनों ट्रस्टियों को इसकी जानकारी न हो इसके लिए सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए। इसके बाद ट्रस्टियों की मौजूदगी में मार्च में रिपॉजिटरी खोली गई। उस समय के सीसीटीवी कैमरे के फुटेज चेक किए गए तो नीलेश कांतिलाल मेहता की गतिविधि संदिग्ध पाई गई। उसी समय एक मजदूर को गोदाम से सोने की चेन मिली। चेन की जानकारी उसने नीलेश मेहता को तब दी जब वह मैनेजर राजेश शाह को देने गया। कुछ ही मिनटों में सीसीटीवी फुटेज में निलेश मेहता खुद को चेन के साथ नजर आ रहा था। इसके अलावा जेब में रुपयों से भरा कवर डालकर बाथरूम में जाने के बाद वहां से लौटने के बाद सफेद कोरे कवर को फाड़ते हुए सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गया। रुपयों की गठरी भी रूमाल में छिपा रखी थी। जो फिर से पोटली लेकर बाथरूम जाता नजर आया। जब वह लौटा तो रूमाल खाली मिला। महुडी जैन मंदिर गुजरात के गांधीनगर जिले के मनसा तालुका में महुदी शहर में स्थित हैं। यह जैन और जैन समुदायों के मंदिर, घंटाकर्ण महावीर और पद्मप्रभु जैन मंदिर का तीर्थस्थल हैं। इसे ऐतिहासिक रूप से मधुपुरी के नाम से जाना जाता था। महुडी में श्री घंटाकर्ण महावीर देव को सोने की पन्नी से ढका गया हैं। इसमें सुखाड़ के तेल का मिश्रण होता हैं। सुखाड़ का तेल बहुत ही सुगंधित होता हैं। यदि इसके साथ सोने की पत्ती ली जाए तो इसके साथ मीठे तेल की सुगंध भी आ सकती हैं। इससे और पकड़े जाने का अंदेशा बना रहता हैं। इसलिए दोनों ट्रस्टी पर्याप्त तैयारी के साथ आए थे। गिरफ्तार राष्ट्रीय को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए यह बात लोगों ने की। अगर रक्षक ही भक्षक बन जाए तो किस पर विश्वास करें।——————–कोलाड में नवीन जैन भवन का भूमि पूजन – पेण – कोकण भूमि में कोलाड नगरी में प.पू.गणीवर्य उदय रत्नसागर ज़ी म.सा. एवं प. पू. मुनिराज गुण वल्लभ सागर ज़ी म.सा.साहेब की पावन निश्रा में कोलाड में सैकड़ों लोगों की उपस्थिति में नूतन जैन भुवन का, नयी धर्मशाला(आराधना भवन) का भूमिपूजन, खातपूजन बहुत हर्ष उल्लास से सम्पन हुआ। 35 वर्ष पहले भी प.पू. सर्वोदसागर ज़ी म. सा.एवं प.पू.उदयरत्न सागर ज़ी म.सा.पावन के निश्रा मे भी कोलाड मे मंदिर ज़ी वासु पुज्जय स्वामि जिनालय का भूमिपूजन खातपूजन किया था। ————————————–चाणोद में आयंबील करने वालों का बहुमान –पाली- पंजाब केसरी आचार्य श्रीमद विजय वल्लभसुरी समुदाय के वर्तमान गच्छाधिपति शांतिदूत जैन आचार्य श्रीमद् विजय नित्यानंद सुरीश्वरजी म.सा. के आज्ञानुवर्ती मुनिराज श्रुतानंद विजयजी म.सा. की पावन निश्रा में चाणोद गांव में ओली संपन्न हुई। गुरु वल्लभ के दिव्य आशीर्वाद एवं मुनि श्रुतानंद जी की निश्रा में बहुत धूमधाम से चेत्र माह की ओली संपन्न हुई।सभी तपस्वीयों का बहूमान का कार्यक्रम रखा गया। जिसमें संघ की ओर से चांदी के सिक्के श्री मोहनजी सेठिया परिवार और ओसवाल सोप ग्रुप (जयपुर)की ओर से उत्तम राशि से बहू मान किया गया और संपूर्ण ओली के लाभार्थी परिवार श्री मातूश्री भिखीबाई वस्तीमलजी सोलंकी परिवार ने भी बहुमान किया। और गुरुदेव की कांबली का लाभ लिया। संघ की ओर से सभी कर्मचारियों का भी बहूमान किया गया।