सीडीएस बिपिन रावत,कोरोना टेस्‍ट के घटे रेट,पराग अग्रवाल

नई दिल्ली – सीडीएस जनरल बिपिन रावत का हेलीकॉप्टर तमिलनाडु में क्रैश हो गया। कई अधिकारियों के मरने की खबर सामने आ रही हैं। बुधवार दिनांक 8 दिसंबर 2021 दोपहर को दुर्घटना की खबर सुनकर देश सन् रह गया। चंद घंटे बाद कुआंसा साफ हुआ। और जो हकीकत सामने आए उसे पूरे देश की आंखें नम हो गई। तमिलनाडु के कुन्नूर के जंगलों में सेना का Mi17 हेलीकॉप्टर क्रैश हुआ। पहाड़ी और जंगली इलाके मैं हुए इस हादसे में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका सहित 13 लोगों की मौत हो गई। जनरल बिपिन रावत का जन्म 16 मार्च 1958 को उत्तराखंड में हुआ था। चश्मदीदों के मुताबिक दुर्घटना के पहले बहुत तेज आवाज आई फिर हेलीकॉप्टर पेड़ से टकराया और आग के गोले में तब्दील हो गया। एक और चशमदीद ने बताया की आग की लपटों में लोग हेलीकॉप्टर से गिरते दिखाई दिए। हादसा तब हुआ जब जनरल कुन्नूर के कार्यक्रम में शामिल होकर वापस सुलूर लौट रहे थे। हेलीपैड से महज 10 मिनट की दूरी पर घने जंगलों में हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक हेलीकॉप्टर दुर्घटना को खराब मौसम जिम्मेदार बताया जा रहा हैं। सीडीएस रावत के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दुख जाहिर किया हैं। मोदी ने ट्वीट में लिखा जनरल रावत बेमिसाल सैनिक थे। सच्चे देशभक्त और उन्होंने हमारी सेनाओं के मॉडर्नाइजेशन के लिए योगदान दिया। उनके जाने से मुझे गहरा दुख हुआ हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा रावत का असमय निधन देश और सेना के लिए कभी पूरी न होने वाली क्षति हैं। इंडिया के चीफ ऑफ डिफेंस जनरल बिपिन रावत तमिलनाडु में हुए हेलीकॉप्टर क्रैश के बाद बुरी तरह घायल हो गए। और इलाज के दौरान अस्पताल में उनकी मौत हो गई। जनरल बिपिन देश के पहले CDS (Chief of Defence Staff) हैं, जिन्हें जनवरी 2020 में नियुक्त किया गया था।ऐसे में यहां जानें आखिर कैसे बनते हैं CDS अधिकारी, भारत में क्यों पड़ी इस पद की जरूरत और भारत के अलावा कितने देशों में यह पद है? क्या होते हैं CDS अधिकारी?किसी देश की जल, थल व वायु सेना के बीच कॉर्डिनेशन स्थापित करने के लिए एक पद बनाया गया।इस पद पर मौजूद अधिकारी तीनों ही सेना के प्रमुखों से बॉर्डर व इससे संबंधित गतिविधियों पर चर्चा करते हैं व एक स्थिर कॉर्डिनेशन स्थापित करते हैं। इंडिया में पीएम मोदी ने 15 अगस्त 2019 को इस पद की घोषणा की थी। 31 जनवरी 2020 को देश के सबसे सीनियर मिलिट्री कमांडर जनरल बिपिन रावत ने देश के पहले CDS अधिकारी का पद ग्रहण किया था।इंडिया में क्यों बनाना पड़ा पद? 1999 में पाकिस्तान से कारगिल युद्ध के बाद 2001 में पूर्व उप प्रधानमंत्री की लीडरशिप में ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स ने युद्ध योजनाओं पर चर्चा की।जहां उन्होंने पाया कि तीनों ही सेनाओं में तालमेल की कमी हैं, सेना में तालमेल होगा तो आर्मी स्तर पर बेहतर रणनीति बन सकेगी।तब CDS के पद पर चर्चा हुई, लेकिन इसे अमल में नहीं लाया जा सका।लेकिन मोदी सरकार ने 2019 में इस पद का ऐलान कर जनवरी 2020 में बिपिन रावत को पहला CDS नियुक्त भी कर दिया। इन देशों में भी है CDS अधिकारी ज्यादातर देशों में CDS अधिकारी सेना के बाकी अधिकारियों के मुकाबले ज्यादा ताकतवर होते हैं। भारत के अलावा UK, इटली और फ्रांस समेत करीब 10 देशों में CDS अधिकारी नियुक्त हैं। दुनिया के अलग-अलग देशों में CDS को अलग-अलग जिम्मेदारियां और अधिकार दिए गए हैं।———————————–कोरोना नियम बदलने को तैयार नहीं उद्धव सरकार , कोरोना टेस्‍ट के घटे रेट- मुंबई – ओमिक्रॉन (Omicron) की दहशत के बीच महाराष्ट्र में एक बार फिर खतरे की घंटी बज चुकी हैं। रविवार को महाराष्ट्र में ओमिक्रॉन के 8 नए मामले दर्ज किए गए थे। इसके बाद सरकार ने टेस्टिंग-ट्रेसिंग और बढ़ा दी बुधवार को दो और केस मिले हैं, इसके साथ ही कोरोना टेस्ट बढ़ाने के लिए भी अहम फैसला लिया हैं। महाराष्ट्र सरकार ने कोविड जांच के लिए RT-PCR टेस्ट की कीमत घटा दी हैं। इस टेस्ट के लिए सैंपल घर से लेने पर कीमत 800 रुपए से 700 रुपये की गई हैं। वहीं लैब में जाकर सैंपल देने पर टेस्ट की कीमत 500 रुपए से 350 रुपए की गई हैं। इस बीच महाराष्ट्र में ओमिक्रॉन संक्रमित दो और मरीज मिले हैं। एनआईवी पुणे लैब ने पुष्टि की है कि एक 37 वर्षीय शख्स 25 नवंबर को जोहान्सबर्ग से लौटा था और उसकी 36 वर्षीय गर्लफ्रेंड जो यूएसए से लौटी थी, ये दोनों ओमिक्रॉन से संक्रमित मिले हैं। दोनों सेवन हिल्स अस्पताल में भर्ती हैं। दोनों में कोई लक्षण नहीं थे और दोनों ने फाइजर वैक्सीन की दोनों खुराक ली थीं। मुंबई में ओमिक्रॉन का यह पहला मामला मिला हैं। बता दें, इससे पहले महाराष्ट्र में 8 ओमिक्रॉन संक्रमित मिल चुके हैं।रविवार को डोंबिवली से 1, पुणे से 1 और पिंपरी चिंचवाड़ से 6 की रिपोर्ट ओमिक्रॉन पॉजिटिव आई थी। स्वास्थ्य अधिकारियों ने रविवार को कहा था कि कोविड-19 के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन से संक्रमितों की संख्या महाराष्ट्र में बढ़ रही हैं। रविवार को मिले संक्रमितों में से तीन लोग नाइजीरिया के लागोस से यहां पहुंचे थे, जिनमें से एक ने हाल ही में फिनलैंड की यात्रा की थी और तीन अन्य उनके करीबी संपर्क में थे।केंद्र सरकार और महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार अब कोविड-19 से जुड़े नियमों को लेकर आमने-सामने आ गये हैं। महाराष्ट्र के मुख्य सचिव देबाशीष चक्रवर्ती ने मीडिया से बातचीत में कहा हैं कि राज्य अपने गाइडलाइंस में बदलाव नहीं करेगा। राज्य के अधिकारियों का कहना हैं कि फिलहाल महाराष्ट्र सरकार द्वारा जारी किये गये नियमों में कोई बदलाव नहीं होगा अगर आगे इसकी जरुरत पड़ी तो यह बदलाव किये जा सकते हैं। देबाशीष चक्रव्रती ने कहा कि आपदा प्रबंधन और महामारी एक्ट के तहत राज्य सरकार को यह ताकत हासिल हैं कि वो वायरस को फैलने से रोकने के लिए अतिरिक्त नियम लागू कर सके। इसीलिए राज्य सरकार ने फिलहाल अंतरराष्ट्रीय पैसेंजर्स को लेकर अपनी गाइडलाइंस में किसी तरह का बदलाव नहीं करने का फैसला किया हैं। महाराष्ट्र के मुख्य सचिव ने कहा कि केंद्र सरकार की तरह से सलाह जारी की गई हैं, इसे लेकर कोई बाध्यता नहीं हैं।केंद्र ने चिट्ठी लिखकर एक जैसे नियम लागू करने के लिए कहा था। इससे पहले कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन स्वरूप पर चिंताओं के मद्देनजर महाराष्ट्र सरकार द्वारा अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के पृथक-वास पर संशोधित दिशानिर्देश के बाद केंद्र ने बुधवार को राज्य सरकार से कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी एसओपी के मुताबिक अपने आदेश जारी करे। महाराष्ट्र के राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की तरफ से मंगलवार रात जारी दिशानिर्देशों के तहत राज्य सरकार ने ‘खतरे’ वाले देशों से आने वाले यात्रियों के लिए सात दिनों तक संस्थागत पृथक-वास आवश्यक बनाया हैं। इस तरह के यात्रियों को पहुंचने के दूसरे, चौथे और सातवें दिन पीसीआर जांच भी करानी होगी। अगर वे कोविड-19 से संक्रमित पाए जाते हैं तो यात्री को अस्पताल भेज दिया जाएगा। अगर यात्री नेगेटिव पाया जाता हैं फिर भी उसे सात दिनों तक घर में क्वारंटीन में रहना होगा। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने एक पत्र में कहा कि महाराष्ट्र सरकार द्वारा जारी आदेश केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा विदेशी यात्रियों के लिए जारी कोविड-19 एसओपी और दिशानिर्देशों के अनुसार नहीं हैं। उन्होंने राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रदीप कुमार व्यास को लिखे पत्र में कहा, ”इसलिए मैं आपसे आग्रह करता हूं कि भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार आदेश पारित करें ताकि सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में दिशानिर्देशों को समान रूप से लागू किया जा सके। ”क्या हैं केंद्र के नए दिशानिर्देश? केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा 28 नवंबर को जारी नए दिशानिर्देशों के अनुसार खतरे वाले देशों से गुजरने या आने वाले यात्रियों को पहुंचने के बाद पीसीआर जांच करानी होगी और हवाई अड्डे पर परिणाम के लिए इंतजार करना होगा और उसके बाद ही वह हवाई अड्डे से बाहर जा सकेंगे या दूसरे विमान से यात्रा कर सकेंगे।महाराष्ट्र सरकार ने क्या अलग नियम बनाए?दरअसल, 30 नवंबर को घोषित किए गए कोरोना नियमों में महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई पहुंचने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए हवाईअड्डे पर आरटीपीसी आर टेस्ट अनिवार्य किया हैं। जबकि केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार सिर्फ खतरे वाले देशों से आने वाले यात्रियों को ही आरटीपीसीआर टेस्ट कराना हैं। या फिर जिन्होंने टीका नहीं लगाया हैं, उनका टेस्ट होना हैं। महाराष्ट्र सरकार ने सभी अंतरराष्ट्रीय विमान यात्रियों के लिए 14 दिन की होम क्वॉरंटीन भी अनिवार्य की हैं। भले ही उनका टेस्ट नेगेटिव क्यों न हो। जबकि केंद्र के नियमों के अनुसार खतरे वाले देशों से आने वाले यात्रियों के लिए ही इतनी लंबी होम क्वारंटाइन का प्रावधान किया गया हैं। केंद्र ने महाराष्ट्र सरकार के उस नियम पर भी आपत्ति जताई हैं, जिसमें अन्य राज्यों से महाराष्ट्र आने वालों के लिए 48 घंटे पूर्व नेगेटिव आरटीपीसीआर रिपोर्ट दिखाने की अनिवार्यता रखी हैं। दरअसल, केंद्र के नियमों के तहत स्थानीय यात्रा के लिए ऐसे नियम नहीं हैं, फिर भी यदि जरूरी हो तो यह 72 घंटे पहले होना चाहिए। केंद्र ने महाराष्ट्र से कहा हैं कि वह तत्काल अपने नियमों में बदलाव करे और उसे केंद्र के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार करे।केंद्र सरकार ने ‘खतरे’ वाले देशों की सूची जारी की है। ‘खतरे’ वाले देशों की सूची में यूरोपीय संघ के देश, ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील, बोत्सवाना, चीन, मॉरिशस, न्यूजीलैंड, जिंबाब्वे, सिंगापुर, हांगकांग और इजराइल हैं।-कोरोना वायरस के तेजी से फैलने वाले ‘ओमिक्रॉन’ वेरिएंट को लेकर बढ़ती चिंता के बीच एक अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि हाल ही में विदेश लौटे 300 से अधिक यात्रियों में से 12 यात्री महाराष्ट्र के ठाणे जिले में लापता हो गए हैं। महाराष्ट्र में अब तक नए स्ट्रेन ओमिक्रॉन के 10 मामले सामने आए हैं, जो देश में सबसे ज्यादा हैं। ओमिक्रॉन को कोरोना वायरस के विभिन्न स्वरूपों में सबसे खतरनाक माना जा रहा हैं।नगर निकाय के प्रमुख विजय सूर्यवंशी ने कहा कि लापता यात्रियों का पता लगाने के लिए तलाशी अभियान जारी हैं।उन्होंने कहा, “जो यात्री लौटे उनमें से कुछ तक नहीं पहुंचा जा सकता क्योंकि उनके मोबाइल फोन बंद हैं।जबकि अन्य ने जो पते दिए हैं, वहां ताले लगे हैं.” केडीएमसी प्रमुख ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की एक टीम फिर से दिए गए पते पर जाएगी।——————पराग अग्रवाल के CEO बनने के बाद twitter ने उठाया बड़ा कदम- जयपुर – भारतीय मूल के पराग अग्रवाल को ट्विटर का नया सीईओ बनाया गया हैं। सह-संस्थापक जैक डॉर्सी के सीईओ का पद छोड़ने के बाद पराग अग्रवाल को ट्विटर की जिम्मेदारी सौंपी गई हैं। उनकी नियुक्ति के बाद से ही हर तरफ उनकी चर्चा हो रही हैं। देश हो या विदेश हर शख्स उनके बारे में जानना चाहता हैं।लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस शख्स को आज ट्विटर के नया सीईओ बनाया गया। जिसके पास लाखों करोड़ों रुपये हैं।वो एक समय में किराए के मकान में रहते थे। जी हां पराग अग्रवाल और उनका परिवार राजस्थान के अजमेर में कई सालों तक किराए के मकान में रहे हैं।हालांकि पराग अब अमेरिका में रहते हैं। वहीं उनके माता पिता ने बाद में कहीं और घर बना लिया।हालांकि पराग के कई परिवार अब भी राजस्थान के अजमेर में रहते हैं।जानकारी के मुताबिक पराग राजस्थान के अजमेर के जवाहरलाल नेहरू सरकारी अस्पताल में जन्म लिए थे।पराग अग्रवाल के पिता गोपाल अग्रवाल राजस्थान के रहने वाले हैं और माता भीलवाड़ा की रहने वाली हैं।पराग अग्रवाल के पिता ने भी इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और उसके बाद वो भाभा अटॉमिक रिसर्च सेंटर, मुंबई में नियुक्त हो गए। बता दें कि पराग अग्रवाल की शुरूआती शिक्षा मुंबई से प्रारंभ हुई।जिसके बाद पराग ने 2011 में ट्विटर कंपनी ज्वाइन की थी और 2017 से कंपनी के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर (सीटीओ) हैं।ट्विटर से पहले पराग माइक्रोसॉफ्ट रिसर्च और याहू के साथ काम कर चुके हैं।जब वह कंपनी में शामिल हुए थे तब ट्विटर के कर्मचारियों की संख्या 1,000 से भी कम थी।37 साल के पराग अग्रवाल अब दुनिया की टॉप 500 कंपनियों के सबसे युवा CEO बन गए हैं। बता दें कि ट्विटर के नए सीईओ पराग अग्रवाल अपनी लॉन्ग टाइम पार्टनर विनीता अग्रवाल से शादी की हैं।पराग और विनीता ने अक्टूबर, 2015 में सगाई करने के बाद जनवरी, 2016 में शादी की थी।दोनों कैलिफॉर्निया के सैन फ्रांसिस्को में रहते हैं।उनका एक अंश नाम का बेटा भी हैं।बता दें विनीता ने भी स्टैनफॉर्ड यूनिवर्सिटी और हारवर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की हैं और वो स्टैनफॉर्ड स्कूल ऑफ मेडिसिन में फिजिशियन और सहायक क्लीनिकल प्रोफेसर हैं। इसके अलावा विनीता ने मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से पीएचडी किया हैं। विनीता ने मेडिकल और टेक्निकल फील्ड में अब तक काफी काम किया हैं और इस क्षेत्र में निवेश सलाहकार के रूप में भी काफी सक्रिय रहती हैं।कई लोग उनकी सैलरी के बारे में सर्च करने लगे। मंडे को फाइल हुए SEC डॉक्यूमेंट के अनुसार उनकी बेस सैलरी 1 मिलियन डॉलर(लगभग 7.5 करोड़ रुपये)होगी।वो कंपनी के बोनस प्लान का भी हिस्सा होंगे। टारगेट बोनस से उन्हें उनकी सैलरी का 150 परसेंट मिलेगा।The Sun की रिपोर्ट के अनुसार पराग अग्रवाल की नेटवर्थ 1.52 मिलियन डॉलर हैं।सोशल मीडिया कंपनी ट्विटर ने बड़ा कदम उठाते हुए छह देशों के 3500 अकाउंट्स को बंद कर दिया हैं।इन सभी अकाउंट्स पर अपने-अपने देश की सरकार के प्रोपेगेंडा को ट्विटर() पर पोस्ट करने का पोस्ट करने का मामला हैं।मिली जानकारी के अनुसार, बंद हुए ट्विटर अकाउंट सबसे ज्यादा चीन के बताए जा रहे हैं। अपने आधिकारिक बयान में ट्विटर ने कहा है कि हमने उन अकाउंट्स को अपने प्लेटफार्म से हटा दिया हैं, जो झिंजियांग में उइगर आबादी के इलाज से संबंधित चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के नरेटिव को बढ़ाता हैं। हाल ही में ट्विटर ने जैक डोर्सी जगह भारतीय मूल के पराग अग्रवाल(Parag Agrawal) को सीईओ बनाया हैं। अक्टूबर 2018 में डिस्क्लोजर के बाद से, ट्विटर ने 17 देशों से शुरू होने वाले जिम्मेदार प्लेटफॉर्म हेरफेर अभियानों के 37 डेटासेट साझा किए हैं, जिसमें 200 मिलियन से अधिक ट्वीट और नौ टेराबाइट मीडिया संबंधि चीजे शामिल हैं।अधिकारियों ने कहा है कि ट्विटर पर अकाउंट सेट में आठ अलग-अलग ट्विटर ऑपरेशन शामिल हैं, जो छह देशों- मेक्सिको, पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना (पीआरसी), रूस, तंजानिया, युगांडा और वेनेजुएला के लिए होंगे।जैक डोर्सी के बाद ट्विटर के नए सीईओ बनने के बाद ही पराग अग्रवाल के कंपनी के अधिकारियों के साथ नई सुरक्षा नीति बनाने में जुट गए हैं। इस बात की लगातार चर्चाएं चल रही थी कि ट्विटर अब नफरत और फेक न्यूज फैलाने वाले फर्जी या बोट अकाउंट्स को हटाने की तैयारी होगी।