ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में लगी आग में 100 करोड़ के करीब जानवरों की मौत

मुंबई- ऑस्ट्रेलिया में जंगलों की आग में 24 इंसान और सौ करोड़ के आस-पास जानवरों की मौत जंगलों की आग से हो चुकी है। पिछले कई वर्षों का सूखा और भयंकर गर्मी के कारण  पिछले सितंबर से लगी आग जनवरी आने तक भी जल रही है ।धधकती आग से धरती गरम हो गई है, हजारों के आशियाने उजड़ गए हैं।ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में लगी अब तक की सबसे भयानक आग से उठे हुए धुएं से इस देश का दक्षिण पूर्वी हिस्सा नारंगी रंग की चादर में ढक गया था। यहां तक कि पड़ोसी देश न्यूजीलैंड के कई शहरों में भी आसमां नारंगी हो गया था। धुंध इतनी तेजी से फैल रही थी कि ऑस्ट्रेलिया की राजधानी कैनबरा से कई फ्लाइट कैंसिल करनी पड़ी। सभी जीव प्रेमियों ने करोड़ों जीव जंतुओं जानवरों की मौत पर शोक जताना चाहिए। इस विनाश की कभी भरपाई नहीं कर सकते हैं। सभी अहिंसा प्रेमियों ने ऑस्ट्रेलिया की सरकार को मदद करनी चाहिए। और उंटों को मारने के फैसले को रद्द करने की बात करनी चाहिए। ऑस्ट्रेलिया में जंगलों की आग से इंसान और जानवर दोहरे परेशान है। इस बीच साउथ ऑस्ट्रेलिया में करीब 10000 उंटो को मारने का फैसला लिया गया है। ऐसा सिर्फ इसलिए क्योंकि वह ज्यादा पानी पी रहे है और इस समय ऑस्ट्रेलिया सूखे का सामना कर रहा है एक मिडिया रिपोर्ट के मुताबिक उंटों को मारने के लिए हेलीकॉप्टर से शार्पशूटर भेजे जाएंगे। अनांगु पितजंतजारा यनकुनीत्जतजारा(एपीवाई) इलाके में रह रहे आदिवासी नेताओं ने यह फैसला किया है। स्थानीय लोगों ने शिकायत की है, कि जानवर उनके इलाको में आ रहे हैं, और पानी की तलाश कर रहे हैं।इस इलाके की एक बोर्ड मेंबर में बताया कि हम बहुत ही गर्म और असहनीय परिस्थिति में फंसे हुए हैं। ऊंट यंहा आ रहे हैं और पानी पीने की कोशिश करते हैं।बताया जाता है, कि देश में करीब 12 लाख उंट है और इनकी आबादी को नियंत्रित करना जरुरी है।यहाँ पानी की स्थिति से हालात खराब हैं। ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने उंटो और जनता के लिए पानी की व्यवस्था करनी चाहिए।अभी अंदेशा जताया जा रहा है कि जंगलो में लगी आग से मरने वाले जानवरो की संख्या 100 करोड़ तक पहुंच गई है। ऑस्ट्रेलिया सरकार ने आग बुझाने के लिए  सेना के तीनों विभागों को काम पर लगाया हुआ है ।ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में लगी आग से कई जानवरों की मौत हो चुकी है और कई भूख से बेहाल है।इस बीच इस खराब हालत में जानवरों को खाना पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टर का सहारा लिया जा रहा हैं। हजारों किलो गाजर और स्वीट पोटैटो यानी शकरकंदी जंगलों में गिराई जा रही है।गौरतलब है कि जिन इलाकों में आग ने भारी तबाही मचाई है वहां कंगारू और कोआला की ज्यादा प्रजातियां है। ऑस्ट्रेलिया के ऊर्जा और पर्यावरण मंत्रालय ने जानवरों को राहत देने के लिए यह कदम उठाया है। मंत्री मैट कीन ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी।